कृषि क्षेत्र पर 'ग्लोबल' असर: जयपुर में बोले शिवराज सिंह चौहान- "युद्ध का प्रभाव है, पर किसानों के लिए सुरक्षा कवच तैयार"
'Global' Impact on the Agricultural Sector
'Global' Impact on the Agricultural Sector, जयपुर में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के भारत के कृषि क्षेत्र पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर अहम बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वैश्विक परिस्थितियों का असर भारत पर पड़ रहा है, जिसे नकारा नहीं जा सकता, लेकिन केंद्र सरकार किसानों को इससे बचाने के लिए पूरी तरह सतर्क है।
उन्होंने बताया कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि किसानों पर इसका न्यूनतम प्रभाव पड़े। खाद की उपलब्धता को लेकर उन्होंने कहा कि देश में पर्याप्त भंडार मौजूद है और रबी व खरीफ की अगली फसलों के लिए किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि सब्सिडी वाली खाद का दुरुपयोग न हो।
कृषि मंत्री ने बताया कि किसानों की सहायता के लिए फार्मर आईडी जैसी व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है, जिससे उन्हें योजनाओं का लाभ तेजी से मिल सके। अच्छी गुणवत्ता के बीज उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय स्तर पर डेमोंस्ट्रेशन कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने दाल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए देशभर में 1000 दाल मिल स्थापित करने की योजना की घोषणा की। साथ ही चना, मसूर और उड़द जैसी फसलों की निश्चित मूल्य पर खरीद की व्यवस्था की जा रही है, जिससे किसानों को उचित दाम मिल सके।
फसलों के नुकसान के आकलन के लिए सैटेलाइट आधारित रिमोट सेंसिंग तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिससे मुआवजा प्रक्रिया पारदर्शी और तेज हो सके। उन्होंने बताया कि अभी किसानों को राज्य सरकार और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से सहायता मिलती है।
नकली खाद और बीज पर सख्ती करते हुए उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है और एक नया सख्त कानून संसद के अगले सत्र में लाया जाएगा। इसके अलावा आलू, प्याज और टमाटर जैसी फसलों के लिए विशेष नीति बनाई गई है, जिसके तहत केंद्र सरकार किसानों की उपज को बड़े शहरों तक पहुंचाने का खर्च उठाएगी, ताकि उन्हें बेहतर कीमत मिल सके।